John V. McEnroe- Portrait of a Perfectionist as a Troubled Man

“Can you show me the mark? Please! Why not? No, why not? Why can’t you show me the mark? That’s all I am asking. Show me the bloody mark. You can’t see your shoelaces! Oh, he made up the mark! Can’t fucking believe it! He just put his finger on the line, on the line!”…

ए कोल्ली, रण कब बनाएगो? टिप्स लेगो के? ( क्रिकेट बकैती)

इंग्लैंड से एक टेस्ट छोडकर भाग आए, आईपीएल पूरा होग्या, विश्वकप में पाकिस्तान से पिट लिए, दीवाली निकल गयी, कोच बदल गया, आधी कप्तानी छिन गई, आराम की खातिर एक टेस्ट छोड़ दिया- इतना कुछ हो लिया पर विराट कोल्ली, तुझसे रन कोणी बन रे । थारा बल्ला नू जो साँप सूंग कर गियो छो,…

कलकत्ता की आखिरी शाम (कविता)

(लिखी अगस्त की उस शाम जिसकी अगली सुबह भोपाल निकलना था) भीगी-भीगी फुहारें गिरती-रुकती पुकारें भूले-बिसरे दिन इस शहर के जो अब छूट रहा है । ठंडी-ठंडी मानसूनी हवा चीरती मेरे हृदय को दस्तक देती स्मरण कराती उस रिश्ते को जो अब टूट रहा है । हल्की बारिश में क्या गीला, क्या सूखा छत पर…

कॉमेडी नहीं कर पा रहा, तो जा पत्रकार बन (व्यंग्य)

कहता तो स्वयं को कोमेडियन है, लेकिन अंतर्यामी जनता को अब न इसकी ज़बान पर भरोसा रहा है, न ही नीयत पर । पहले यह हास्य के नाम पर फूहड़ फब्तियाँ कसा करता था । फिर कुछ जोक्स निशाना भटक गए । तब से ही लेने के देने पड़ गए । नीच की नीचता सतह…

Just Before the Dawn Breaks (Poem)

                    (1) Crickets are conspicuous by their silence, Frogs have long lapsed into inactivity, There is yet time for before the crowing begins, Restive is the monotony of darkness!                      (2) Dawn is yet to break, but I am awake, Bustle of engines fills the emptiness, Some still feel the need to honk at this…

मैं किस भारत से आता हूँ – कुपात्र वीर दास को मेरा जवाब

मैं भारत से आता हूँ । मैं किस भारत से आता हूँ? दुविधा में जीने वाले, बिके हुए, खोखले, नफरती टट्टुओं को दो भारत दीखते हैं । दो, बस दो ! भारत केवल जागे हुए और सुप्त, अमीर-गरीब, राजपरिवार या आम आदमी, कामकाजी और बेरोजगार, हिन्दू-मुस्लिम, पढे लिखे अथवा गवार, रेपिस्ट और भद्र में ही…

I Come From India & I do not bear any Guilt -A Reply to Vir Das’ PeeJs

I come from India. Which India do I come from? There are not just two, but multitudes of them. It is only the binary-minded, the indoctrinated, the compromised, the hateful, the star struck, burdened consciences who believe that there are just two Indias. Every Indian’s India is different, and there are more than a billion…

भीख तो कहना उचित नहीं पर कटी-छटी आज़ादी थी (कविता)

चुक चुके अंग्रेजों को एक दिन तो वापस जाना था,सैंतालीस नहीं तो अड़तालीस में टिकट कटवाना था।2। पढ़ते आए हैं बचपन से विश्व युद्ध की थकान थी भारीजाने वाले स्वतः गए, पर हम हाथ जोड़े रहें आभारी ? (4) आभारी उनके जो मान बैठे हम एक धरा पर दो राष्ट्र हैं,पलट कर हमसे झूठ कह…

The DJOKER V. Meddy Bear – The Tenth Duel @RolexParisMasters

Daniil Medvedev had overpowered Novak Djokovic in the US Open final barely two months back. A dejected Djoker had proceeded on a long break to rejuvenate, and had returned with renewed resolve to finish the Year End as the Number One for a record Seventh time. This target was achieved after a hard-fought semi-final win…

दीपावली पर अवांछित मनन-चिंतन

पूजा के सिंगाड़े कल रात ही निपटा दिये थे । गुलाब जामुन धरे रह गए । जीवन ऐसे ही धरा रह जाता है । आदमी गुलाबजामुन को बचाए रख कर पहले सिंगाड़े चरता है । लक्ष्मी पूजा में ईख का जोड़ा भी रखा था । ईख अभी भी लक्ष्मी के इर्द-गिर्द खड़ी हैं । बचे…