जहीरुद्दीन मोहम्मद रावण – दशहरे पर उर्दूवुड की सप्रेम भेंट

सैफ अली बैठा पेड़ पे, करके पटौदी चौड़े, नीचे खड़ा प्रभास बोला, उतर भांड, हँसोड़े! कल विजया दशमी मनाया जाएगा । पूरी दुनिया में रामलीला मंचन चल रहा है । पर ऐसे में एक रावण ऐसा भी बन गया है जिसके माथे से त्रिपुन्ड गायब है । गले में माला नहीं है, मूछें भी मुंडी…

BIRDSONGS – Surviving Lockdown!

It was still dark when I embarked upon ‘the Long March in Lockdown’. The sound of my steps came through as if a bass guitar was playing in the background. Mr. Dead Cliff Burton was already awake, and was playing below the sole of my shoes.  Elsewhere, there was deathly silence as in a recording…

कुछ टपक तो रहा है पर चिन्हित नहीं हो पा रहा

बूंदें अगर सुनाई दें पर दिखे नहीं तो भी इसे प्रामाणिक तौर पर बारिश का नहीं होना नहीं माना जा सकता । हवा में बूंदें देख पाना आसान नहीं होता । धरती पर हुआ गीला या भरे पानी में तलती जलेबियाँ देखकर पता लगाना फिर भी संभव है । लेकिन इसके लिए धरती पर प्रकाश…

नासा का फिदायीन तैयार, अब बच जाएगा संसार

अमरीकी रक्षा तंत्र और कॉर्पोरेट गठजोड़ सदैव किसी ऐसे शक्तिशाली, प्राणघातक शत्रु को चिन्हित करने में व्यस्त रहता है, जिसके विरुद्ध वह अपनी समस्त सैन्य एवं तकनीकी-प्रौद्योगिक क्षमता को लामबंद कर सके । यह मूल अमरीकी प्रवृति है – शत्रु अपने आप खड़ा हो जाए तो ठीक, नहीं तो उसे येन-केन-प्रकारेण पैदा किया जाए ।…

धंधा या वंशवाद ? (कविता)

वकील का लड़का जज बनेगा,जज का लड़का वकील,वंशवाद नहीं, धंधा है ये,तुम देते रहो दलील,ज्यादा दुखता हो पेट में,तो कर दो फाइल अपील,काले कौवे सारे मिलकर,कर देंगे तुम्हें ज़लील. कहते हैं व्यवस्था इसको,चलता इसमें खून-पैसा-जुगाड़,औलाद ही बाप की वारिस है, बाप खोलता है बंद किवाड़,दोष न निकालो अगले का,चलना सबको यही है दांव,है पास में…

China is not Maharashtra – Pray don’t Search for Leads!

Bloody hell, China is neither Goa, nor Maharashtra. (I’m leaving out Bihar here) It is not a fickle democracy, rather sophistically termed as people’s democracy. Even the coup against the Ts took a long while to brew before it could be confirmed that Brutus had indeed ran away to Gujarat with dozens of other turncoats….

No Compromise with Cow-haters (short story)

I was feeding a cow standing by the roadside. As I did so, I patted her head, and mouthed sweet-nothings. She kept her eyes closed while chewing, but kept nodding as if she agreed with whatever I had to say. Both of us- the mother and the son, the Gau and her Bhakt – were…

A THING OF BEAUTY IS FEDERER FOREVER

You don’t rate a rainbow based on the amount of time it is visible. The beauty of the Ring of Fire cannot be described in a passage. Roger Federer’s greatness cannot be condensed into mere words. Beauty cannot be delineated by writing it down on paper. Aesthetic joy is beyond monetary value and human expression….

उधड़ूँ थोड़ा, थोड़ा बुन लूँ (कविता)

मन की इच्छा लिखने की है, पैरों को पर चलना है , बरस रही है बरखा रिमझिम, मौसम में भी रमना है, छाता टांगू, जूते पहनूँ, या बैठ मेज पर भाव उड़ेलूँ, कलम चलाऊँ या फिर पैर, करूँ कविता, कर आऊँ सैर, चलते-चलते सोचूँ-सोचूँ, लिखते-लिखते उड़ ही जाऊँ, उधड़ूँ थोड़ा, थोड़ा बुन लूँ, त्रिशंकु बन…