Fahadh Faasil as MALIK – Once Upon a Time in Trivandrum

Joju George finally remains alive in a film to tell the story of Fahadh Faasil who plays the role of a gangster-cum-smuggler, i.e. a cross between Velu Nayagan and Michael Corleone. Joju plays an IAS officer who is hit by a vehicle and left for dead by Faasil’s men in their quest for revenge for…

तूफ़ान – सामाजिक समरसता के नाम पर फिर वही घिसापिटा लव जिहाद फॉर्मूला

तूफान के पटकथा लेखक अंजुम राजबली के पास बहुत अनुभव है – पुकार, अपहरण, राजनीति, ग़ुलाम, कच्चे धागे, लेजेंड ऑफ भगत सिंह और अन्य बड़ी फिल्मों में काम किया है । इस अनुभव का इस्तेमाल उन्होने तूफान की पटकथा को बड़ी चालाकी से लिखने में किया है । बिना किसी कारण या आवश्यकता के कहानी…

Nick Kyrgios – Balancing Tennis Life with Rackets, Balls & Words

That Nick Kyrgios can beat any player on his day, and most players on his bad days is not mere empty rhetoric. Novak Djokovic and Kyrgios squared up against each other twice in a fortnight in 2017. They ended up playing four sets at Acapulco and Indiana Wells, yet the Serbian could not take even…

अकबर के संतों से मिलने के नहीं हैं प्रमाण

किस्से-कहानियों का अकबर सर्वव्यापी है । बहुतेरे साधु-संतों के संग अकबर की मुलाकातों की किंवदंतियाँ प्रचलित हैं । बीरबल के किस्सों के हिसाब से अकबर सवालों, पहेलियों और गप्पों का भी बादशाह था । सत्यान्वेषी अकबर दीवान-ए-खास में बैठकर विभिन्न धर्माचार्यों के साथ धर्मचर्चाएँ किया करता था । बर्बर बाबर और कठमुल्ले औरंगजेब जैसे धार्मांध…

करते रहिए TRAY,कोषीश,पृयास – कभी तो ठीक बैठेंगे अक्षर विन्यास

(अरे सुनो, भाषाई शुचिता के ठेकेदारों – हमें ब्याहकरण से बैर नहीं, पर स्पेलिङ्ग तेरी अब खैर नहीं। जो कुछ लिखा है जानभूझ कर लिखा है, टाइपो नहीं है । समझ में आ जाए तो ठीक है, वरना समझना कोई मुलभुत ज़रूरी नहीं है) हे अत्याचारिणी इंग्रेज़ी ! बचपन से सुनता आ रहा हूँ कि…

PRAYING FOR A PENALTY SHOOTOUT !

Generally, I like football matches to be decided in the regulation time. Even extra time is okay, but I detested the idea of Golden Goal. It was not quite football. Even Penalty kicks during regulation or extra time do not enthuse me very much. They tend to simplify the whole process. Knock-outs being decided in…

THE DECLINE & FALL OF Numbers 3-4-5 : Pujara, Kohli & Rahane

In Australia, Pujara took more blows on his body than the numbers of boundaries he scored. Against the English, he kept getting out to Leach. At Southampton, Pujara just hung around, content to hold the bat and give the impression that he was there. There were only two scoring shots in 54 balls in the…

दिन में अमिश रहता हूँ, रात को रवीश हो जाता हूँ

रो-जर फेडरर को हार और जीत पर फूट-फूट कर रोते देखा है। स्वयं बाबा ने भी सदन में आँसू बहाये हैं। वधु की विदाई के समय बहुत से वरों के नेत्र सजल होते देखे हैं । सेकंड वेव ने ऐसा विध्वंस मचाया कि प्रधान जी की आँखेँ भी डबडबा गईं । लेकिन रोना-रोना तो रवीश…