दिन में अमिश रहता हूँ, रात को रवीश हो जाता हूँ

रो-जर फेडरर को हार और जीत पर फूट-फूट कर रोते देखा है। स्वयं बाबा ने भी सदन में आँसू बहाये हैं। वधु की विदाई के समय बहुत से वरों के नेत्र सजल होते देखे हैं । सेकंड वेव ने ऐसा विध्वंस मचाया कि प्रधान जी की आँखेँ भी डबडबा गईं । लेकिन रोना-रोना तो रवीश…

पिता का घर (कविता)

डेढ़ साल बाद खुला पिता के घर का ताला, बंद पड़ा था, सामान और स्मृतियों को सहेजे हुए, हम बंदी थे दो हज़ार मील दूर हालातों के कारावास में, जीवन चल तो रहा था, किराए के मकान में दिन काट रहे थे, नौकरी में व्यस्त एवं कोरोना से बचकर, अक्सर सोचते थे पिताजी के चित्र…

DJOKOVIC, SURVIVOIC

As the night curfew loomed in Paris, the two arch rivals stood at a set apiece. Djokovic had broken first in the third set, but Nadal had broken back to make it 5-5 and had subsequently saved his own serve. Now while serving to remain in the set (at 5-6), the Serb seemed perturbed with…

डंडे को प्रणाम है, डंडा ही समाधान है (कविता)

(डंडे से अभिप्राय दंड/punishment/कानूनी दंड से भी है और हाथ में पकड़े जाने वाले डंडे से भी) जो बैठ कर के सड़कों पर जो चीख-चीख गलियों में स्वतंत्रता का दंभ भर अभिव्यक्ति के नाम पर चरा रहे हैं बुज्जियाँ उड़ा रहे हैं धज्जियां कानून की, समाज की प्रधान की, विधान की शासन के सम्मान की…

फ़ाल्टन्यूज़ ने थूक के चाटा जब यूपी पुलिस ने मारा सच का चांटा

फ़ाल्टन्यूज़ नाम का एक गिरोह फर्जी खबरें बनाने, चलाने और सच के साथ छेदछाड़ कर नेटिज़न्स को बरगालने के काम में रिपब्लिक ऑफ ट्विटर पर अत्यधिक सक्रिय है । इस फ़ाल्टन्यूज़ को चलाने वाले दो वामपंथी दलाल – एक गंजा और किसी चिड़ियाघर से भागा एक भालू- किसी भी खबर में हेराफेरी कर उसे सत्यनिष्ठा…

फ़ेमिली मेन भाग 2 पर टीका-टिप्पणी : धृति बेटी तू जिहादीमर्दिनी, तेरी जय हो !

यह सिरीज़ वयस्क दर्शकों के लिए है और इसमे कहानी के समर्थन में अंतरंग दृश्यों सहित कटुवचन, अपशब्द और परिपक्व सामग्री शामिल है । फेमिली मेन की शुरुआत में ये दंभपूर्ण घोषणा मुझे बहुत थोथी जान पड़ी । मेरी इस ब्लॉगपोस्ट के लिए भी इस चेतावनी को लागू मानें। वैसे छूटते ही यह स्पष्ट कर…

Don’t Count your Nineteenth yet! Remember Wawrinka in 2015?

Novak Djokovic might have improved his head to head  against Rafa to 30-28 overall,  2-7 at the Roland Garros, 8-19 on clay and 7-10 in Grand Slams. Rafa might have been denied another free run at the Roland Garros where his 14th title would have allowed him to steer free of Federer’s count of 20…

Tapan Sinha’s ATANKA- Mastermoshai, apni kichu dekhen ni !

Elections in Bengal are like Ma Kali, always thirsting for blood. The cycle of violence continues. Why should one bother about this crime, but not that one? Whataboutery is a convenient ploy to absolve oneself of guilt. Human sacrifice during elections still occurs with ritualistic expectations and impunity. Police has always been a bystander –…

मोबाइल नर नारायण : मोबाइल हाथ में लेकर एकला चलो रे !

चलते पंखे की आवाज़ आपको बीतते हुए समय का एहसास कराती है । घड़ी की सुइयों को रेंगते देखकर मन में गिंडोले सरकने लगते हैं । बहता हुआ नल अगर मटके या बाल्टी को भर रहा है तो समृद्धि का , पर अगर फिजूल पानी खर्च हो रहा है तो बरबादी का भाव देता है…