फूलों पर फिसले हुए (कविता)

फूलों पर फिसले हुए, पत्तियों के प्रति उदासीन, क्या ही मतलबी शौकीन ! रंगीनियत पर कुर्बान, चकाचौंध पर हलकान, गए-गुजरे लंपट आशिकों से ! (6) किसी ने कह दिया, वाह क्या रंग है ! क्या भीनी-भीनी गंध है ! भिनभिनाते भौरों से प्रेरित, मचलती तितलियों से मदोनमत्त, कसीधे पढ़ते रहे फूलों की शान में ।12।…

लौहपथगामिनी में दिव्य निपटान

(अगर आपको गंदगी , पाखाने और सच से घिन आती है तो कृपया आगे न पढ़ें , क्यूंकी यह ब्लॉग इन्हीं सब के बारे में है, और इसे पढ़ना भयावह हो सकता है ) वास्तविक टाइटल – “ट्रेन में टट्टी” बत्तीस घंटे का लंबा सफर है देवास से कोलकाता का । इतनी देर में किसी…

SL Bhyrappa’s Gruhabhanga (गृहभंग) – The Tale of a Woman’s Struggle against Poverty & Plague in pre-Independence Mysore

Bhyrappa’s semi-autographical masterpiece, Gruhabhanga, was published in 1970. In scope of its tragedy, and depth of the characters, the novel is perhaps unsurpassed in modern Indian literature. Gruhabhanga is the story of the heroic struggle of a woman, Nanjamma, who refused to give up in face of adversity and apathy. She battled against poverty, epidemic,…

बड़ा बाहुबली बनता था (कविता)

सांसें तो बाकी हैं तेरी हस्ती लेकिन मिट गयी गाड़ी पलटे न पलटे तेरी गाँ तो फट गयी बड़ा बाहुबली बनता था भों के आज हर चिरकुट है तुझ पर हंस रहा बिना मरे ही तू टपक गया अब कहाँ तेरा डर रहा देखकर तुझको तो हँसेंगे अब सभी बंदर सी सही पर ज़िंदगी तो…

The Chinnaswamy Minefield of 1987- “We have Conquered the Hindus!”

As per the Dawn of Pakistan, Abdul Hafeez Kardar was in the Commentary Box, when Roger Binny was caught behind by Saleem Yousuf on Tauseef Ahmed’s delivery. Pakistan had just won the see-saw fifth test, and with it the series, by 16 runs. This is when the first and very influential captain of Pakistan, later…

बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना – एक वोटर से ज्यादा, एक कार्यकर्ता से कम (कविता)

संचार क्रांति के इस युग में मैं महज एक वोटर नहीं रहा; सोशल मीडिया के आगमन के साथ ही मेरी मासूमियत जाती रही; तटस्थ रहना हर काल में अपराध था, पर अब भी विचार न रखना, रख पाना, मेरी जड़ता का द्योतक होगा ।7। बिना कहीं की प्राथमिक सदस्यता गृहण किए भी मैं एक सिपाही…

No Immunity for Tax-Evaders ( A Poem)

They asked me about my income and taxes, I began to rail against the rulers’ lapses; When questioned regarding my balance sheets, I scrolled and showed them some of my tweets; They sought details about cash and accounts, I screamed murder at the hands of tax hounds; The Regime’s opponents stood by my side, But…

A Limerick on Kohli

Bowled for a duck but of shame not a trace, Behold the contempt dripping from his face, Cannot be his fault at all, Nor was it a good ball, To concede you’ve been mastered requires some grace. (5) #limerick #viratkohli #arrogance

Of Fairy Tales and the Brisbane Breach

Fairies don’t live in bio-bubbles, zombies do.  Fighters get sent to hospitals for sewing and mending, not fairies. Fairies don’t get hit frequently by leather balls while playing with their mates, like Indian batsmen did. Fairies have it easy- their hamstrings don’t get pulled, backs don’t become stiff, wrists don’t get sprained, fingers don’t get…

बेकाबू, बागी मन बनाम अचल,अटल नियति

बहुत वक्त हुआ , बॉस ने ज़ोर देकर,डपटकर कहा था- मन से काम किया करो ! ढूंढो उसे, कहाँ खोया रहता है । तुम्हें भी गायब रखता है । तो अपने काम को ‘मन से’ करने की कवायद में मैंने अपने मन को ढूँढना प्रारम्भ किया ।  मन मिला पर तब एक लड़की पर आया…

एक वोटर से ज्यादा, एक कार्यकर्ता से कम (कविता)

संचार क्रांति के इस युग में मैं महज एक वोटर नहीं रहा, सोशल मीडिया के आगमन के साथ मेरी मासूमियत जाती रही, तटस्थ होना हर काल में अपराध था, अब तो विचार न रखना, रख पाना मेरी जड़ता होगी ।4। बिना प्राथमिक सदस्यता गृहण किए भी मैं एक कार्यकर्ता हूँ, हर समय, प्रतिदिन- तैनात, मुस्तैद,…