नासा का फिदायीन तैयार, अब बच जाएगा संसार

अमरीकी रक्षा तंत्र और कॉर्पोरेट गठजोड़ सदैव किसी ऐसे शक्तिशाली, प्राणघातक शत्रु को चिन्हित करने में व्यस्त रहता है, जिसके विरुद्ध वह अपनी समस्त सैन्य एवं तकनीकी-प्रौद्योगिक क्षमता को लामबंद कर सके । यह मूल अमरीकी प्रवृति है – शत्रु अपने आप खड़ा हो जाए तो ठीक, नहीं तो उसे येन-केन-प्रकारेण पैदा किया जाए ।…

The Greatest Achievement of Rajiv Gandhi

The greatest achievement of Rajiv Gandhi was that he once helped Atal Behari Vajpayee in getting proper treatment in the US. The Congress stalwarts, family loyalists and lackey journalists have admitted this through their numerous statements and tweets. Why else would anyone highlight the matter as much as they did on the former’s birth anniversary?…

हाय, मैं आहत हो गया ! (कविता)

हाय, मैं आहत हो गया, क्यूँ ली तुमने जम्हाई, क्यूँ मुस्काए मुझको देखकर, क्यूँ पलकें ही झपकाईं, क्यूँ झटका देकर ग्रीवा को, माथे से लटें सरकाईं, हाय, मैं आहत हो गया, तुमको लाज भला नहीं आई ! इतना कम था क्या, जो फिर ले बैठे अंगड़ाई, ऊंचे हाथ खेञ्च कर पीछे, पृष्ठ बढ़ा अल्हड़ता से…

कोई बड़ी बात नहीं है

चार बच्चों का बाप होकर बढ़ती जनसंख्या का रोना रोना कोई बड़ी बात नहीं है । केवल अपने आप को भरमाना भर है कि बच्चे भले आपके हों, पर आप उनके बाप नहीं भी हो सकते हैं । खासकर तब जबकि आप संसद परिसर में उपस्थित हों । चाहिए थोड़ा-सी कल्पना शक्ति, और बेहिचक दोगलापन…

फॉर्म हुआ फुर्र, कोहली होजा हुर्र

शास्त्री तो बहुत पहले ही रेस्ट prescribe कर दिया, सनीभाई ने इस आरामखोरी को criticize भी कर दिया, कपिल पाह्जी ने ‘drop him’ ऐसा advice कर दिया, चोपड़ी-भोगली ने फिर भी कोहली को eulogize ही किया, क्या रे विरटवा, professionalize करते-करते सब commercialize कर दिया? रोहित ने भले खराब फॉर्म को trivialize कर दिया हो,…

SushLaMo, SuMo or Bonnie & Clyde?

The newest couple has broken the internet by coming out of the closet. The news and the pictures are too hot to handle. The hustler seems happy, the princess looks enamoured. Uncles are shocked, aunties are worried. For their husbands, of course, more than the damsel. They know she would somehow manage, she always does….

साहेब के चार शेर

अब तक ये चार शेर गांधीवादी थे । थोड़े दबे-सहमे हुए, झुके-झुके से- शीतल और सौम्य । गुर्राना तो दूर, जनता की मांग पर कभी-कभी मिमिया भी देते थे । ऐसा नहीं है कि उनकी आक्रामकता पूर्णतया मिट गयी थी- घुसलखाने और शयन कक्ष में उनके ब्रह्मचर्य प्रयोग अनवरत चला करते थे । पर जनता…

समाचार पत्रों में अंतर्निहित हास्य

समाचार पत्रों को पलटिये, वे सामान्य जीवन और आम आदमी को सदैव ट्रोल करते मिलेंगे । वे सही मायनों में हास्य का पुलिंदा हैं । वैसे राजनीति और अपराध, जो अखबारों के दो प्रमुख स्तम्भ हैं, उनसे जुड़ी खबरों में हास्य, व्यंग्य, कटाक्ष, लांछन, उलाहने, तमाशा और निर्लज्जता अंतर्निहित हैं । इस कारण अधिकांश शीर्षकों…

Walk the Dog, Carefully!

If walking your dog inside a sports stadium can get you transferred out of a shit hole to some idyllic heaven, imagine what could be achieved if you can make your dog pee or poo inside it? Exile to Tibet perhaps, or banishment to Xinjiang, if the trends hold. Perhaps the Grandees sitting in the…

आम नेताजी का भाषण (व्यंग्य धन फोकट चेक)

“किसी ने पूछा कि जी आप कह रहे हो कि दिल्ली में जनरेटर की दुकानें बंद हो गईं, तो क्या वो दुकानदार बेरोजगार हो गए ? क्या वो झक मार रहे हैं ? मैंने बताया नहीं जनाब वो आजकल सपने खरीद रहे हैं, और झूठ बेच रहे हैं । बढ़िया धंधा है ! अपने-अपने शहरों…

चीन, चौथी वेव और आता हुआ लॉकडाउन? (खरीखोटी)

का गुरु? चौथी वेव कब बुला रहे ? अरे आयेगा, आयेगा । धीरज रखिए । बताकर नहीं न आयेगा । अपने टाइम पर आयेगा । चीन को देख रहे हैं ना । हालत खराब है मतलब, एकदम खराब । औ’ जब कोरोना चीन का, जिसने उसे जन्म दिया, पीछा नहीं छोड़ रहा है, तो हमारा…

मैं चिल्लाया ‘सईद अनवर’ (कविता)

सड़क पर चलते-चलते, सौहार्द पर मनन करते,  यकायक मेरा पाँव गया मुड़, मैं ज़ोर से चिल्लाया, सईद अनवर, स ई ई द अन वर र र र….. लोगों ने आव देखा न ताव, ज़मीन पर लेट गए सोचकर, कि अब होगा धमाका, क्या पता बरसें गोलियां, कुछ नहीं हुआ तो भी उन्हें डर ने घेरे…