Dharmaveer : The Anand Dighe Biopic that foretold the current Revolt

Dharmaveer: Mukkam Post Thane (available on Zee5), the Marathi biopic of the Shiv Sena strongman, Anand Dighe, was released in May 2022. Aside from presenting Dighe (who passed away in 2001) and the Thane Shiv Sena unit as virtually autonomous, the film also strongly made the point that the party had grown powerful only by…

कौन है वह निरा मूर्ख जो भारत को एक राष्ट्र नहीं मानता ?

अणुभाष अपने करों में संभालते ही यह चिरयुवा नायक स्वनामधान्य विद्वान हो जाता है । संवाद करते-करते कभी सनातन पर प्रवचन देने लगता है, तो कभी संविधान का भाष्य बताने लगता है । कभी तो विद्रोही स्वरूप धरकर जनक्रांति की चेतावनी देने लगता है, तो कभी शब्दानुशासन भंग करके उनकी नयी व्याख्याएँ करने लगता है…

Nation OR A Union of States – No Country for the Deluded Genius!

“India is merely a geographical expression,” Winston Churchill once said in exasperation. “It is no more a single country than the Equator.” The founder of Singapore, Lee Kuan Yew, also once echoed that sentiment, arguing that “India is not a real country. Instead it is thirty-two separate nations that happen to be arrayed along the…

आम नेताजी का भाषण (व्यंग्य धन फोकट चेक)

“किसी ने पूछा कि जी आप कह रहे हो कि दिल्ली में जनरेटर की दुकानें बंद हो गईं, तो क्या वो दुकानदार बेरोजगार हो गए ? क्या वो झक मार रहे हैं ? मैंने बताया नहीं जनाब वो आजकल सपने खरीद रहे हैं, और झूठ बेच रहे हैं । बढ़िया धंधा है ! अपने-अपने शहरों…

भाषाई फुलझड़ी : धुलेलकर की हिंदुस्तानी के नाम पर संविधान सभा में धमाचौकड़ी

संबिधान सभा की दूसरी बैठक, तिथि 10 दिसंबर, 1946 सेक्षंस एवं कमेटी के मसले पर सदन में गरमागरम बहस चल रही थी । एक तरफ थे कृपलानी तथा जयकर, दूसरी तरफ लामबंद थे सुरेश चन्द्र बनर्जी , श्यामप्रसाद मुखर्जी, टंडन, केएम मुंशी और हरनाम सिंह । पंडित नेहरू कृपलानी को संघर्ष विराम का इशारा करके…

उसकी यात्रा और इसका भ्रमण (व्यंग्य)

नहीं साहब, किसी मित्र के विवाह में सम्मिलित होना कोई अपराध नहीं है, न हो सकता है । विवाह किसी का भी हो, मंगलमय अवसर है । और जो स्वयं वैवाहिक बंधन में जकड़े जाने को प्रस्तुत है, उसपर वामपंथी, लिब्रांडु अथवा वोक जैसे ठप्पे भी नहीं लगाए जा सकते ।  वह कैसा वामी-कोमी जो…

Lynching is not Enough, the Corpse must be Hanged (A Lament)

“Capital punishment should be outlawed, Sacrilege should be punished with death! Get us more protection under the laws, Let us then enforce these laws ourselves.”          (the irony is lost on the liberal who declares this) Their Books apparently preach tolerance, The Believers are petty and vengeful, To always play victims, yet lynch others With hypocritical…

पूंजापति के बहाने राजा पूंजा का अपमान, गूँजापति तुम कैसे निकले इतने महान (व्यंग्य)

विद्वान जी को दुनिया भर का ज्ञान है । डंके की चोट पर कहते फिरते है कि उपनिषद पढे हैं । गंभीर व्यक्ति इस तरह अपने मोरपंख नहीं फैलाता । विद्वान महाशय टर्राते भी हैं, तो दुनिया को प्यार करने का, गले लगाने का और मानवता का निःशुल्क संदेश दे जाते हैं । आजकल हिन्दू…

मैं किस भारत से आता हूँ – कुपात्र वीर दास को मेरा जवाब

मैं भारत से आता हूँ । मैं किस भारत से आता हूँ? दुविधा में जीने वाले, बिके हुए, खोखले, नफरती टट्टुओं को दो भारत दीखते हैं । दो, बस दो ! भारत केवल जागे हुए और सुप्त, अमीर-गरीब, राजपरिवार या आम आदमी, कामकाजी और बेरोजगार, हिन्दू-मुस्लिम, पढे लिखे अथवा गवार, रेपिस्ट और भद्र में ही…

मंत्री का पिल्लू भाग गया (कविता)

चौकन्नों को चटनी चटाकर चूतियों को चकमा देकर   मुस्तैदों की माश चोशकर कर बंदोबस्त का बैंड बजाकर कानून व्यवस्था को धता बताकर पुलिस महकमे को गॉड दिखाकर भाग गया भई भाग गया मंत्री का पिल्लु भाग गया     (8) मुन्ना भैया कर कारस्तानी समन की करके नाफरमानी चंपत हो गया, बड़ा हरामी क्या उठा ले…

WHY COULD JAWAHARLAL NOT TOLERATE “PRIYA PURUSHOTTAM”?

Rajarshi Tandon’s politics did not initially irk Panditji. The latter had actively backed the former’s ‘No Tax’ campaign in 1930, and also lent support to his work with Kisan Sabhas. Both the leaders came from Allahabad, and worked together since the 1930s, beginning with the Civil Disobedience Movement. In the 1937 Provincial Elections, the INC…