कुफ़्र-काफिर पर ऐतराज नहीं, झांट-झंटुए और *टुए पर है ? (निबंध)

परसों तक सब्र ही तोड़ते थे, कल कुफ़्र भी तोड़ दिया । सब्र का क्या है साहब । हम लोग काफिर हैं, बारह सौ साल से बुतशिकनों की नफरत खत्म होने का इंतज़ार कर रहे हैं । कश्मीर में आज भी हमारे लोग मारे जा रहे हैं । शर्म बस हमें आती नहीं । क्रिकेट…

NO MORE LIES – PARTITION WAS A THOROUGHLY  COMMUNAL EXERCISE

  Historians and journalists have been very kind towards the Indian National Congress . But history will not be as unsparing. Truth has a way of catching up  and exposing everyone for what they actually were . One can hide or be hidden by apologists and sympathisers for a long time, but ultimately truth shall…