लिखने के सिवाय (कविता)

लिखने के सिवाय, जब बचा नहीं उपाय, तब लगे लिखने !   (3) लिखते हुए खो गए, संज्ञा शून्य हो गए, कैसे लिख दें ?  (6) लिखने के अलावा, लगे जीवन ही छलावा, अब क्या लिख दें ? (9) लिखना था, लिख लिया, अमृत-विष पी लिया, चल, अब निकलें?  (12) #लेखन #लेखनी #लेखक #writing #existence #existentialcrisis

बैठे हैं लिखने पर विचार नदारद

सुबह उठना कठिन है , पर मन में हो विश्वास तो जतन करके चार बजे उठा भी जा सकता है । जम्हाई लेते हुए, आँखें मलते हुए लेखन-पढ़न के बारे में सोचना थोड़ा अजीब है, पर किया जा सकता है । टेबल-चेयर पर आसान जमाकर बैठ जाना उतना कठिन कार्य नहीं है । इतना तो…

BLANK

One might attempt to sound intellectual by claiming to have hit the “writers’ block ”. Ever so often ,authors encounter situations when their brains get frozen,and hands refuse to write further .There comes a time when they can’t conceive a new plot,or fail to resolve a crisis situation to their creative satisfaction. Many a times,…