ए कोल्ली, रण कब बनाएगो? टिप्स लेगो के? ( क्रिकेट बकैती)

इंग्लैंड से एक टेस्ट छोडकर भाग आए, आईपीएल पूरा होग्या, विश्वकप में पाकिस्तान से पिट लिए, दीवाली निकल गयी, कोच बदल गया, आधी कप्तानी छिन गई, आराम की खातिर एक टेस्ट छोड़ दिया- इतना कुछ हो लिया पर विराट कोल्ली, तुझसे रन कोणी बन रे । थारा बल्ला नू जो साँप सूंग कर गियो छो,…

दीपावली पर अवांछित मनन-चिंतन

पूजा के सिंगाड़े कल रात ही निपटा दिये थे । गुलाब जामुन धरे रह गए । जीवन ऐसे ही धरा रह जाता है । आदमी गुलाबजामुन को बचाए रख कर पहले सिंगाड़े चरता है । लक्ष्मी पूजा में ईख का जोड़ा भी रखा था । ईख अभी भी लक्ष्मी के इर्द-गिर्द खड़ी हैं । बचे…

पाकिस्तानी क्रिकेटरों की साफ़गोई का कायल होता जा रहा हूँ (व्यंग्य)

विश्व कप में बारह बार हारने के बाद पाकिस्तान को अंततः भारत पर जीत नसीब हुई । छियान्वे से हरे वकार युनूस के घावों पर अब जाकर कुछ मलहम लगा । कसम से जडेजा ने तब इसे बड़ा कस के कूटा था ।  तीस साल बाद मिली इस दुर्लभ खुशी में भी वकार को सबसे…

मंत्री का पिल्लू भाग गया (कविता)

चौकन्नों को चटनी चटाकर चूतियों को चकमा देकर   मुस्तैदों की माश चोशकर कर बंदोबस्त का बैंड बजाकर कानून व्यवस्था को धता बताकर पुलिस महकमे को गॉड दिखाकर भाग गया भई भाग गया मंत्री का पिल्लु भाग गया     (8) मुन्ना भैया कर कारस्तानी समन की करके नाफरमानी चंपत हो गया, बड़ा हरामी क्या उठा ले…

रेलगाड़ी से तो कुकुर भलो  (वैचारिक यायावरी)

पल भर के लिए इस चित्र को निहारिए । मदोन्मत्त द्रुतवाहिनी, लौहपथगामिनी, छुकछुककारिणी सुदूर सुनसान में धुआँ उड़ाए कहीं से कहीं सरपट भागे जा रही है । क्या कहा कि न गति दिखती है, न ही छुकछुक सुनाई देती है ? संभव है इसलिए कि कल्पना और उमंग उड़ान भरती हैं, रेल की पटरी पर…

रोनी सूरत वाले पाकिस्तान के प्रथम पैरोकार रवीश पाणे को एक हल्का हाथ

रोन्दु रवीश पाणे, बाध्यकारी विरोधाभासी, पाकहितों के स्थायी संरक्षक, एमडीटीवी । सुनो रवीश्वा, ये बात एकदमे नहीं जँचती कि तुम बरसों से एंकर की तनख्वा उठा रहे हो, एसी कमरे में बैठे-बैठे जाने कितनी कुर्सियों की गद्दियाँ फाड़ चुके हो, पर इतना भी ज्ञान नहीं रखते कि भारत सरकार ने तुम्हारे तालिबनी मामूओं को कंधार-परांत…

दिन में अमिश रहता हूँ, रात को रवीश हो जाता हूँ

रो-जर फेडरर को हार और जीत पर फूट-फूट कर रोते देखा है। स्वयं बाबा ने भी सदन में आँसू बहाये हैं। वधु की विदाई के समय बहुत से वरों के नेत्र सजल होते देखे हैं । सेकंड वेव ने ऐसा विध्वंस मचाया कि प्रधान जी की आँखेँ भी डबडबा गईं । लेकिन रोना-रोना तो रवीश…

मोबाइल नर नारायण : मोबाइल हाथ में लेकर एकला चलो रे !

चलते पंखे की आवाज़ आपको बीतते हुए समय का एहसास कराती है । घड़ी की सुइयों को रेंगते देखकर मन में गिंडोले सरकने लगते हैं । बहता हुआ नल अगर मटके या बाल्टी को भर रहा है तो समृद्धि का , पर अगर फिजूल पानी खर्च हो रहा है तो बरबादी का भाव देता है…

लौहपथगामिनी में दिव्य निपटान

(अगर आपको गंदगी , पाखाने और सच से घिन आती है तो कृपया आगे न पढ़ें , क्यूंकी यह ब्लॉग इन्हीं सब के बारे में है, और इसे पढ़ना भयावह हो सकता है ) वास्तविक टाइटल – “ट्रेन में टट्टी” बत्तीस घंटे का लंबा सफर है देवास से कोलकाता का । इतनी देर में किसी…

चल बसा एक समाजोपयोगी

परसों तक उसके मदिरा व्यसन और निद्रा प्रेम के चर्चे थे । कल वह अकाल मृत्यु को प्राप्त हो गया । बहुत से शोकातुरों ने बंद मुट्ठियों – खुले अंगूठों को अपने मुखों की ओर खींचकर उसकी मृत्यु में मदिरा के योगदान के बारे में पड़ताल करनी चाही । कुछ ने सीधे यकृत पर आक्षेप…

Forgive.Forget.

  Forgive. Forget. Life is full of misfortunes. (Mario Puzo, in the Godfather)   The above lines in The Godfather are meant as taunts, not to be misunderstood as words of wisdom. A common man is being mocked for exploring the options of revenge and is being asked to accept his bad luck, put on…

APJ – Daddy Jinx

The Missile Man of India must be acknowledged as a jinxer-par-excellence in the entire history of humankind. What kind of a doomsayer jinxes an entire year like that? What led the great man to inflict such a curse upon humanity in general, and Indians in particular? In his book India 2020:A Vision for the New…