मैं चिल्लाया ‘सईद अनवर’ (कविता)

सड़क पर चलते-चलते, सौहार्द पर मनन करते,  यकायक मेरा पाँव गया मुड़, मैं ज़ोर से चिल्लाया, सईद अनवर, स ई ई द अन वर र र र….. लोगों ने आव देखा न ताव, ज़मीन पर लेट गए सोचकर, कि अब होगा धमाका, क्या पता बरसें गोलियां, कुछ नहीं हुआ तो भी उन्हें डर ने घेरे…

An Innocuous Question in the Age of Wokism

I was walking inside a park, when I ran into an old acquaintance. She was walking her baby in a pram. They live in Montreal, and were in Kota to attend a family function. We exchanged pleasantries and made casual small talk.  The baby, hardly a year old, screamed for attention. “ We’re just moving,…

तुष्टीकरण, तेरे कितने नाम ?

दस-बारह करोड़ का घपला कोई धरतीफाड़ कांड नहीं होता । इतने में तो कुत्ते के गले का पट्टा या काले कौवे की फेन्सी ड्रेस वाली पोशाक भी नहीं आते । जो तुम्हें लगता हो आते हैं तो खरीद कर पहन लो । क्या गलत  कहा है दिल्ली उच्च न्यायालय ने ? पेट्रोल इतना महंगा हो…

मान्यवर, हिन्दू रीतियों से इतनी घृणा क्यूँ?

मान्यवर की चुल्ल फेक्टरी से कुछ महीनों पहले एक नया विज्ञापन जारी हुआ था, जिसका लक्ष्य था ‘कन्यादान’ की आड़ में हिन्दू रीतियों को पित्रसत्तात्मक, अतः हीन एवं रूढ़िवादी बताना । हिन्दू वधू-सी सजी आलिया भट्ट को ‘कन्यादान’ शब्द के प्रयोग पर आपत्ति है, और वह चाहती है कि किसी भी कन्या का दान न…

I Come From India & I do not bear any Guilt -A Reply to Vir Das’ PeeJs

I come from India. Which India do I come from? There are not just two, but multitudes of them. It is only the binary-minded, the indoctrinated, the compromised, the hateful, the star struck, burdened consciences who believe that there are just two Indias. Every Indian’s India is different, and there are more than a billion…

Hello Mr. Virat Kohli, How Much is Your Carbon Footprint?

I am a big fan of Virat Kohli. Not particularly of his cricketing skills or his attitude though, but of his eagerness to play a social activist. If he plays his game the right way, he might end up as India’s Thunberg, although Tendulkar’s peak level and popularity might still elude him. Then again, Woko…

कुफ़्र-काफिर पर ऐतराज नहीं, झांट-झंटुए और *टुए पर है ? (निबंध)

परसों तक सब्र ही तोड़ते थे, कल कुफ़्र भी तोड़ दिया । सब्र का क्या है साहब । हम लोग काफिर हैं, बारह सौ साल से बुतशिकनों की नफरत खत्म होने का इंतज़ार कर रहे हैं । कश्मीर में आज भी हमारे लोग मारे जा रहे हैं । शर्म बस हमें आती नहीं । क्रिकेट…

रोनी सूरत वाले पाकिस्तान के प्रथम पैरोकार रवीश पाणे को एक हल्का हाथ

रोन्दु रवीश पाणे, बाध्यकारी विरोधाभासी, पाकहितों के स्थायी संरक्षक, एमडीटीवी । सुनो रवीश्वा, ये बात एकदमे नहीं जँचती कि तुम बरसों से एंकर की तनख्वा उठा रहे हो, एसी कमरे में बैठे-बैठे जाने कितनी कुर्सियों की गद्दियाँ फाड़ चुके हो, पर इतना भी ज्ञान नहीं रखते कि भारत सरकार ने तुम्हारे तालिबनी मामूओं को कंधार-परांत…

दिन में अमिश रहता हूँ, रात को रवीश हो जाता हूँ

रो-जर फेडरर को हार और जीत पर फूट-फूट कर रोते देखा है। स्वयं बाबा ने भी सदन में आँसू बहाये हैं। वधु की विदाई के समय बहुत से वरों के नेत्र सजल होते देखे हैं । सेकंड वेव ने ऐसा विध्वंस मचाया कि प्रधान जी की आँखेँ भी डबडबा गईं । लेकिन रोना-रोना तो रवीश…

फ़ाल्टन्यूज़ ने थूक के चाटा जब यूपी पुलिस ने मारा सच का चांटा

फ़ाल्टन्यूज़ नाम का एक गिरोह फर्जी खबरें बनाने, चलाने और सच के साथ छेदछाड़ कर नेटिज़न्स को बरगालने के काम में रिपब्लिक ऑफ ट्विटर पर अत्यधिक सक्रिय है । इस फ़ाल्टन्यूज़ को चलाने वाले दो वामपंथी दलाल – एक गंजा और किसी चिड़ियाघर से भागा एक भालू- किसी भी खबर में हेराफेरी कर उसे सत्यनिष्ठा…

JE SUIS CHARLIE: Now & Forever

“I was Charlie Hebdo” in 2015 when two jihadi brothers shot and killed their Editor, his bodyguard, four cartoonists, two columnists, a copy editor, a caretaker, a guest and a cop at their office for ‘having dared’ to publish the cartoons of the Prophet. Another lady cop and four Jews had also succumbed in a…

धिम्मी करे बलवाई की रंगाई, बाकी को पढ़ाये कानून

बीती रात शहर में जमकर बलवा हुआ, आज सुबह से सेकुलरवाद की मीठी बयार चल रही है ।2।   गयी रात उनके हाथों में हथियार थे, आज ज़ुबान पर गांधी और देश का संविधान है ।4। कल पूछ रहे थे किसकी है यह दुकान? बहुत इतरा कर जता रहे थे -किसी के बाप का नहीं…