26/11 : राष्ट्रीय शर्म की बरसी आपको बहुत, बहुत मुबारक (कविता)

चोरकट मार गया तमाचा, बेवजह, सरेआम, जिहाद, दंगा, चिल्ल-पौं, फैलाते रहने का काम, आदतन आततायी, वह हिंसक पंथ का अनुयायी, था ताड़ना का अधिकारी, पर वोट पड़ गए आत्मसम्मान पर भारी ।4। बन हिमालय सह गए हम पैशाचिक आघात, चर्चाओं के चक्रव्युह में फस गया प्रतिघात, अपने दुश्मनों की बनाई हमने एक फेहरिस्त, इस नपुंसकता…

SREE IYER’s WHO PAINTED MY MONEY WHITE? – Subramanian Swamy Unplugged!

Sree Iyer might be a gossipmonger-cum-conspiracy theorist but not everything that he hints at or alleges in “Who Painted My Money White?” is a result of the flight of his fancy. His revelations and innuendos regarding ISI’s three-pronged strategy of weakening India through  fake currency racket, drug trade and love jihad are rooted in reality….

धिम्मी करे बलवाई की रंगाई, बाकी को पढ़ाये कानून

बीती रात शहर में जमकर बलवा हुआ, आज सुबह से सेकुलरवाद की मीठी बयार चल रही है ।2।   गयी रात उनके हाथों में हथियार थे, आज ज़ुबान पर गांधी और देश का संविधान है ।4। कल पूछ रहे थे किसकी है यह दुकान? बहुत इतरा कर जता रहे थे -किसी के बाप का नहीं…

फेसबुक पोस्ट का जवाब पोस्ट से दे

फेसबुक पोस्ट का जवाब या तो पोस्ट से दे, या जा के कर एफ़आईआर, न हिंदुस्तान तेरा बाप का है, न ये हँसता-खेलता शहर, न पोलिस स्टेशन तेरे मामू का है, न किसी नागरिक का घर, थोड़ा सुनना सीख,   कभी तेरी भी सुनेंगे, ये पोलिस-प्रशासन-अदालतें, थोड़ा सब्र कर, ज़रा इंतज़ार तो कर ! (11)…

दीवार पर टांग लो यह धमकीभरा ट्वीट (कविता)

फ्रेम करा इस ट्वीट को, लो दीवार पर टांग, खुल्लमखुल्ला धमकी है ये, मत समझो मुर्गे की बांग ।4। बैठे मौके की ताक में, हैं आस्तीन के साँप, है अंतहीन यह युद्ध, कभी भूल न जाएँ आप ।8। जाएँ अदालत भाड़ में, बस चलेगी इनकी बात, इंतज़ार उस दिन का है,                            ( ये ट्वीट करने…

कुछ ऐसी भी गणित पढ़ते हैं

कुछ ऐसी भी गणित पढ़ते हैं, कि लाशें गिनने लगते हैं, हम भी तो गणित पढे हैं, अब नौकर कहीं लगे हैं।4।   वो क्रिकेट भी हैं खेले, अब फेंक रहे भट-गोले, हमको भी पसंद था अख्तर, नहीं खड़ा किया कोई लश्कर।8।   बूढ़ी माँ और बाप मास्टर सबके ही होते हैं, मानवता के दुश्मनों…

हर कोने में बैठा शत्रु

हर कोने में बैठा शत्रु, देख-दाखकर चलिए, घात लगाकर बैठा ज़ुल्मी , हथियार हाथ में रखिए, मौका आज मिला है उसको, उसके थूक से बचिए, कौन देश को बाँट रहा है, इतना ज़रूर समझिए, सरकार करेगी जो करना है, अभी घर में छुपके रहिए, आँधी जल्दी थम जाएगी , तैयारी करते रहिए।12।  

तुम वही रहे, हम क्या हो गए

एक धारावाहिक देखकर हम सांप्रदायिक हो गए , वे पूरी ज़मात बुलाकर भी सेकुलर ही रहे ।1।   तीन मंदिर क्या मांगे हम गैर-वाजिब हो गए , हजारों तोड़ करके  भी वह शांतिप्रिय ही रहे ।2।   एक पाकिस्तान देकर भी हम तंग-दिल हो गए , वह बंटवारा करवाकर भी डटे यहीं रहे ।3।  …

माई नेम इज़ शाहरुख अनुराग मिश्रा & आई एम ए टिक टॉक आर्टिस्ट

खुद का पाणे छिपा लिया रवीश कुमार ने , पर शाहरुख के अनुराग पर नहीं रुका  । ‘बामन , कुत्ता , हाथी, नहीं जात के साथी’  वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए इस भूमिहार – ब्राह्मण ने जिस तरह मिश्रा-मिश्रा का भौंपू अपने ‘प्राइम टाइम’ प्रोपेगेंडा पर बजाया , उससे इस बात का जवाब अंततः…

THREE  CHEERS  FOR LEGENDARY HINDU TOLERANCE

  Two minor shooting incidents have occurred in Delhi in the past one week .These are being touted as examples of rising Hindu terrorism ; aided and abetted by the so-called Hindu Majoritarian Nazi Government . Islamo-Bolsheviks  are desperately trying to draw parallels between those want to break India into pieces , and these ineffectual…

NO COMMUNAL VETO –NOT NOW & NEVER AGAIN

The slogans of Azadi are back. Jinnah must be recounting his Fourteen Points again in his grave. Parliament recently enacted Citizenship (Amendment) Act to provide a path to Indian citizenship for those members of Hindu, Sikh, Jain, Buddhist, Parsee and Christian religious minorities who had fled prosecution in three neighbouring Islamic Republics ( Afghanistan, Pakistan…