कुछ टपक तो रहा है पर चिन्हित नहीं हो पा रहा

बूंदें अगर सुनाई दें पर दिखे नहीं तो भी इसे प्रामाणिक तौर पर बारिश का नहीं होना नहीं माना जा सकता । हवा में बूंदें देख पाना आसान नहीं होता । धरती पर हुआ गीला या भरे पानी में तलती जलेबियाँ देखकर पता लगाना फिर भी संभव है । लेकिन इसके लिए धरती पर प्रकाश…

नासा का फिदायीन तैयार, अब बच जाएगा संसार

अमरीकी रक्षा तंत्र और कॉर्पोरेट गठजोड़ सदैव किसी ऐसे शक्तिशाली, प्राणघातक शत्रु को चिन्हित करने में व्यस्त रहता है, जिसके विरुद्ध वह अपनी समस्त सैन्य एवं तकनीकी-प्रौद्योगिक क्षमता को लामबंद कर सके । यह मूल अमरीकी प्रवृति है – शत्रु अपने आप खड़ा हो जाए तो ठीक, नहीं तो उसे येन-केन-प्रकारेण पैदा किया जाए ।…

धंधा या वंशवाद ? (कविता)

वकील का लड़का जज बनेगा,जज का लड़का वकील,वंशवाद नहीं, धंधा है ये,तुम देते रहो दलील,ज्यादा दुखता हो पेट में,तो कर दो फाइल अपील,काले कौवे सारे मिलकर,कर देंगे तुम्हें ज़लील. कहते हैं व्यवस्था इसको,चलता इसमें खून-पैसा-जुगाड़,औलाद ही बाप की वारिस है, बाप खोलता है बंद किवाड़,दोष न निकालो अगले का,चलना सबको यही है दांव,है पास में…

ब्रह्मास्त्र – महण्णे माफ करना, गलती म्हारे से हो गयी !

अपनी गाढ़ी कमाई का पैसा खर्च करके मैं अब कभी विष्ठावुड फिल्में देखने थियेटर नहीं जाता, पर कल एक वामी-कामी के सौजन्य से जाना पड़ गया । जानता हूँ कि विभिन्न कारणों से ब्रह्मास्त्र को बॉयकॉट करने की मुहिम चल रही है, और मैं उससे पूर्णतया सहमत भी हूँ, पर वामपंथी चिरकुट ऐसा पीछे पड़ा…

Arsh’s cool, but time to question Bhajji

Arshdeep knows he dropped a dolly. It was a crunch moment. In a crucial match against Pakistan! Encomiums were not likely to come his way for this costly drop. Mollycoddling is still not a national pastime. India is not yet a ‘woke’ country. We might never become a liberal heaven. He had erred big time….

थाली नहीं मंगाऊंगा, उर्दुवूड को सबक सिखाऊँगा

क्या ज़माना आ गया है, महाकाल से थाली भी नहीं मँगवा सकते ! पंडे-पुजारी विरोध करने लगते हैं, बॉयकाट ट्रेंड होने लगता है । जनमत बहुत कुशल महावत होता है, सरकार आलसी हो या घमंडी, उससे अपनी मनवाना जानता है । पर अभी बात महाकाल की जहां न तो भोजन की कोई व्यवस्था होती है,…

The True Horrors of the Partition & the False Narratives in Vogue

Partition, in itself, was not a tragedy, rather the only viable solution to the communal problem that infested the subcontinent. Jinnah should not be blamed for insisting on partition, rather should be hailed for his farsightedness in realizing that democracy in Asia would not quite function as it did in the US and the UK,…

I Knew they would get me Someday : Salman Rushdie

I knew they would get me some day. There exist no escape routes. All roads to hell are guarded well by the jihadis. There is no way I could have befuddled this brigade of blind believers, and reached hell in a single piece, without them getting an opportunity to serve their Faith. The fatwa was…

हाय, मैं आहत हो गया ! (कविता)

हाय, मैं आहत हो गया, क्यूँ ली तुमने जम्हाई, क्यूँ मुस्काए मुझको देखकर, क्यूँ पलकें ही झपकाईं, क्यूँ झटका देकर ग्रीवा को, माथे से लटें सरकाईं, हाय, मैं आहत हो गया, तुमको लाज भला नहीं आई ! इतना कम था क्या, जो फिर ले बैठे अंगड़ाई, ऊंचे हाथ खेञ्च कर पीछे, पृष्ठ बढ़ा अल्हड़ता से…

कोई बड़ी बात नहीं है

चार बच्चों का बाप होकर बढ़ती जनसंख्या का रोना रोना कोई बड़ी बात नहीं है । केवल अपने आप को भरमाना भर है कि बच्चे भले आपके हों, पर आप उनके बाप नहीं भी हो सकते हैं । खासकर तब जबकि आप संसद परिसर में उपस्थित हों । चाहिए थोड़ा-सी कल्पना शक्ति, और बेहिचक दोगलापन…

साहेब के चार शेर

अब तक ये चार शेर गांधीवादी थे । थोड़े दबे-सहमे हुए, झुके-झुके से- शीतल और सौम्य । गुर्राना तो दूर, जनता की मांग पर कभी-कभी मिमिया भी देते थे । ऐसा नहीं है कि उनकी आक्रामकता पूर्णतया मिट गयी थी- घुसलखाने और शयन कक्ष में उनके ब्रह्मचर्य प्रयोग अनवरत चला करते थे । पर जनता…

Dharmaveer : The Anand Dighe Biopic that foretold the current Revolt

Dharmaveer: Mukkam Post Thane (available on Zee5), the Marathi biopic of the Shiv Sena strongman, Anand Dighe, was released in May 2022. Aside from presenting Dighe (who passed away in 2001) and the Thane Shiv Sena unit as virtually autonomous, the film also strongly made the point that the party had grown powerful only by…