कोई चुनाव शेष न रह जाएँ (कविता)

देखना , देश में कोई चुनाव शेष न रह जाएँ हमारे प्रचार माध्यम दो पल सुस्ताने न पाएँ ऐसी कोई रैली न रहे जिसका आयोजन न हो कोई रोड़ शो ऐसा जिसमे जन-अभिवादन न हो कोई कोना, कोई बूथ जहां हम पहुँच न सकें कोई वार्ड, कोई सीट जिसपर हम लड़ न सकें  (6) देखना,…

Mobocracy 1920-21 Reprised in 2020-21: Gandhi is No More, but His Words can Guide

During his 1920 train tours, Gandhi discovered India, and more importantly, understood the Indians. The country was in a state of ferment, people were highly expectant, keen to be led and express themselves socially and politically. During and after his visits, Gandhi recorded his observations- “the Congress is a demonstration for the mob. Though organized…

भारत में लोकतन्त्र नहीं है क्यूंकी मुझे अब भी सुना जाता है (व्यंग्य)

भारत में लोकतन्त्र नहीं है । आपके ख्यालों में होगा, पर भारत में लोकतन्त्र नहीं है ।मेरा नाम आँधी भले हो पर, मैं आँधी नहीं हूँ। ग और ध भले हों मेरे नाम में पर मैं धागा भी नहीं हूँ । पर अगर आपके ख्यालों में भी भारत ही है तो थोड़ा गौर से देखिये…

आज वोट है शहर में (कविता)

  नमस्कार बोन्धु-बांधवों, मैं अभिनव पंचोली , आज मतदान दिवस है , इस मौके पर मैं अपनी कविता पढ़ता हूँ – शीर्षक है – आज वोट है शहर में :   आज वोट है शहर में , है बंधा हुआ किसी खूँटे से हर बकरा , कोई पैसे लेकर मोल बिका है , कोई सरेंडर…