The Right Age to Go is Now (Poem)

The lad died too young. They exclaimed about SSR. He was thirty-four. (3) Fifty-three is not yet ripe. Not quite an age to go. They shed tears for Irrfan. (6) He was just seventy-one. Healthy, hearty and fine. Should have served longer, Ahmedbhai. (9) Diego has called it quits. Maradona is dead at sixty. Maradona…

अमरवीर हैं , शहीद कहकर मत काम चलाओ

  जिन बीस शूरवीरों ने लद्दाख में अपने प्राणों की आहूति दी है, वे तेलुगू भाषा में अमरवीरुडु कहलाएंगे । हिन्दी और संस्कृत में उनके लिए आदरसूचक हुतात्मा का प्रयोग होगा जिसका अभिप्राय उस व्यक्ति से होता है जिसने किसी अच्छे कार्य में अपने आप को हवन कर दिया हो । वीरगति को प्राप्त हुए…

फिर एक आत्मघात – सवाल,समस्या,कर्म या अकर्म?

हर मौत का मतलब निकले ये आवश्यक नहीं । हर घटना के पीछे कुछ गहरा कारण हो ये ज़रूरी नहीं । किसी ने आत्मघात कर लिया तो क्यूँ किया? तुम खबर मिलते ही सूइसाइड नोट ढूँढने लगे । खुद को पुलिसवाला,फोरेंसिक एक्सपर्ट,वकील समझकर सुराग तलाशने लगे। कुछ नहीं मिला तो कयास लगाने लगे – अफेयर…

Maine Dil Se Kahaa

Death of a close acquaintance robs us of objectivity. Grief keeps pouring out of welled-up eyes and chokes our breaths. Attendant rituals and surrounding mourners give rise to claustrophobia. It is then that numbness sets in. Profound gloom envelops everything. Days become long and dark, nights darker and endless. Pain might heal, loss always haunts….