तुम वही रहे, हम क्या हो गए

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एक धारावाहिक देखकर हम सांप्रदायिक हो गए ,

वे पूरी ज़मात बुलाकर भी सेकुलर ही रहे ।1।

 

तीन मंदिर क्या मांगे हम गैर-वाजिब हो गए ,

हजारों तोड़ करके  भी वह शांतिप्रिय ही रहे ।2।

 

एक पाकिस्तान देकर भी हम तंग-दिल हो गए ,

वह बंटवारा करवाकर भी डटे यहीं रहे ।3।

 

हमने बुलाया अपनों को तो ये सड़कों पर उतर गए ,

न आने दिया उनको और सताते भी रहे ।4।

 

 

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