बी लाइक रॉबिंसन क्रूसो, अवॉइड बीइंग दुर्योधन

 

भीषण एग्जिसटेंशियल क्राइसिस का समय है । अगर अल्बर्ट कामू और सांर्त्रे इस युग में जीवित होते तो पंफ्लेट पर पंफ्लेट छाप रहे होते । चीन से निकली महामारी मौत बनकर समूची मानवता के सिर पर नाच रही है । हम अपने ही घरों में स्वेच्छा से नज़रबंद हैं ! जनता कर्फ़्यू और लॉकडाऊन तीन-चार दिन नहीं ,तीन-चार सप्ताह तक लागू रहने वाला है । ऐसी विपत्ति के समय दिमाग लंबी दौड़ लगाने लगता है । उसे लगाने दो । बस अपने पैरों और गाड़ियों को थामे रखो ।

 

माँ ने दुर्योधन को आदेश दिया था कि स्नान करके नग्नावस्था में सम्मुख आकर खड़े हो जाना । रास्ते में उसे कृष्ण मिल गए । ऐसे नाज़ुक वक्त पर कृष्ण अक्सर अवतरित हो जाते हैं । दुर्योधन के लज्जाभाव को उन्होने कुछ ऐसे उधेड़ा कि महाबली जंघा के चारों ओर पत्ते लपेट कर ही जन्मदात्री के सामने प्रस्तुत हुआ । गांधारी को शिव-वरदान प्राप्त था कि पट्टी हटाकर जब भी किसी शरीर पर दृष्टि डालेगी तो वह वज्र का हो जाएगा । विनती है दुर्योधन न बनें । टोटल लॉकडाऊन के समय में न किसी कृष्ण से मिलें, न उनकी सुनें । छोटी सी चूक के चलते चाइना-वाईरस आपके अभेद्य लौह कवच में प्रविष्ट हो सकता है । दुर्योधन की जंघाओं पर गांधारी की दृष्टि पड़ी ही नहीं । वे हाड़मांस के ही रह गए । कृष्ण के दिये संकेतों के आधार पर भीम ने उन्हे ध्वस्त कर के दुर्योधन को पराजित कर दिया । सौ फीसदी आइज़ोलेशन मोड में रहें । एक गलती सारी मेहनत पर पानी फेर सकती है ,इसलिए मार्जिन ऑफ एरर ज़ीरो रखें!

 

यह सब इतना कठिन भी नहीं है । रॉबिंसन क्रूसो सत्ताईस बरस एक टापू पर अकेले रहा था । बहुत लंबे अंतराल के बाद उसे ‘शुक्रवार’ नामक साथी मिला ज़रूर , पर फिर भी क्रूसो की जिजीविषा , संघर्ष और तन्हादिली की दाद देनी होगी । टॉम हेंक्स ऐसे प्रेरित हुए कि कास्ट अवे नाम की फिल्म में क्रूसो सरीखे एक किरदार को जीवंत कर दिया । पर चाइना वाईरस बहुत चिपकू है , हेंक्स को शुरुआत में ही अपनी चपेट में ले डाला । अनुशासन में रहें , क्रूसो से प्रेरणा लें , और बीमार हो जाने पर टॉम हेंक्स की तरह स्वस्थ हो जाने की कामना करें ।

 

घर के बाहर लक्ष्मण-रेखा खेंच देने और उसे किसी भी सूरत में पार न करने की सलाह स्वयं पीएम ने भी दी है । न हमे सीता बनकर लक्ष्मण को स्वर्ण-मृग (दूध-सब्जियाँ) की छाल छीलने भेजना है , और न ही लक्ष्मण बनकर सीता की ज़िद के आगे घुटने टेकने हैं ।

 

शास्त्रों में ऐसे और भी बहुत पात्र हैं जिनके अनुसरण से हमें बाज़ आना है । पांडु को सख्त हिदायत थी कि संभोग न करे ।ऐसा एक श्राप के चलते था , या कोई मेडिकल कंडीशन भी थी , पता नहीं । पर स्त्रीसंसर्ग से बचना है , इसमे कहीं कोई डाउट नहीं था । फिर भी जब काल का बुलावा आया तो काम ने महाराज पांडु को अंधा कर दिया । माद्री के मना करने पर भी पांडु अपना संयम खो बैठे और परिणामस्वरूप हिट विकेट हो गए । हमे लंबी परी खेलनी है । लच्छेदार शॉट्स पर काबू रखना होगा । जब बल्ला नाराज़ था , तब सचिन ने सिडनी टेस्ट में कवर ड्राइव को क्रिकेट किट में नज़रबंद कर दिया था । नतीजा हुआ कि रन बने 241 और वह भी नाबाद । हमें भी सचिन बनना है , नाबाद रहना है , अविजित । सब कुछ जानते –बूझते हुए भी पांडु बनकर हिट विकेट या रन आउट न हों !

 

अभिमन्यु को चक्रव्युह में प्रवेश पाने का ज्ञान-भर था , पर उसे भेदकर बाहर निकलने का नहीं । ऐसे चक्रव्युह में हमें नहीं फसना है । कोरोना के फेर में एक बार फस गए , तो बाहर कैसे निकलेंगे ? कट डाउन ऑन आल रिस्क ।  लेट अस नोट ट्राई टु बी ए ट्रेजिक-हीरो लाइक अभिमन्यु !

 

अगर आपको इल्म है कि आप संक्रमित हैं या हो सकते हैं , तो कृपया लालच या लापरवाही में कनिका कपूर न बनें । फ्री के खाने और दारू की चाह में दुष्यंत सिंह (सांसद) तो एकदम ही न बनें । कोई लॉकडाउन का उल्लंघन करके सड़कों पर भटकता दिखे तो भगवान के लिए कुनाल कामरा न बनें   ।                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                               किसी को रोकना , टोकना और ठोकना आपका काम नहीं है ।

 

लॉकडाउन के वक्त जमाखोर चींटी न बनें । तीन हफ्ते की बात है , छ महिने का सामान इकट्ठा न करें । बाकी लोगों को भी मौका दें ।दूध –सब्जी के लिए सड़कों पे न दौड़ें । आज तक कोई नहीं मरा चाय और सब्जी न मिलने से ! कुंभकर्ण अगर बनना ही है तो छ महीने सोने वाला बनें , अनवरत ठूसते रहने वाला नहीं ।

 

यह वक्त घबड़ाने , असुरक्षित महसूस करने और स्वार्थी बनने का नहीं है । आपको कुछ नहीं करने को कहा जा रहा , आप वैसे भी कुछ ‘खास’ नहीं करते हैं । अपने व्यसन पालने का समान अगर घर पर पड़ा हो , तो वज़ा शौक फरमाएँ ।दुनिया बड़ी खूबसूरत है । ज़िंदा रहे तो बहुत घूमेंगे । अभी कुछ समय के लिए अपने सैलानी दिल को कंट्रोल में रखें । श्रद्धा रखें , पर तीर्थयात्री न बनें । मंदिरों में तांता न लगाएँ । 15 मई तक इधर-उधर विचरण न करें ।

 

घर में बैठकर सोशल मीडिया पर खुद को परमज्ञानी साबित करते रहें । जिसे चाहे उसे ट्रोल करते रहें । सिनेमा देखें, पढ़ें-लिखें । ध्यान लगाएँ , व्यायाम करें । घर में रहकर चाहे ट्विटर पर गंद मचा दें , पर लॉकडाउन में ही रहें ।

यह कर्फ़्यू ही है, याद रखें !

रॉबिंसन क्रूसो वाला मानस बनाए रखें , और अपने दुर्योधन को दूर रखें ।

 

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#Kolkata #WestBengal #RobinsonCrusoe

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