रिपोर्टनामा

 

(By Abhinav Pancholi)

कविता का भाव – एक रिपोर्ट ,दो…तीन…दस…तेरह…अनगिनत रिपोर्टें भेजकर चरितार्थ हुआ मेरा जीवन

चौदह रिपोर्टें बनाकर भेज चुका हूँ सुबह से,

उन्नीस बार उम्मीदों से सेंड बटन दबाया है ,

पचीस बार अमेंड हो चुकी हैं कुल मिलाकर

अथक डिस्कशन-हाईपर रिएक्शन के उपरांत,

बारह दफा ऊपर जाकर रिमांड बैक हुई हैं,

पर्फ़ेक्षन की तलाश में पूरा दफ्तर मुस्तैद है ।6।

 

जितना रेवेन्यू न इकट्ठा हुआ महकमे से ,

उतनी तो सिलसिलावार रिपोर्टें भेज चुका हूँ अब तक ,

एक,अनेक,प्रत्येक सबको सब कुछ तारा-तारी चाहिए ,

इतनी ललक से बस नेता ही वोट मांगते हैं,

रिपोर्टें मानो राजस्व की नहीं मेडिकल टेस्ट की हों,

थोड़ा समयांतराल तो पोस्ट्मॉर्टम के बाद भी लगता है ।12।

 

अखबार पाठकों की चिट्ठियों की तरह हैं ये रिपोर्टें,

कौन जाने कोई इन्हे क्यूँ पढ़ता भी है ?

फिर कितना गौर फरमाता है इनमें छुपे आंकड़ों पर ,

या बस हमे इनवोल्व करने का प्रपंच भर है

लगे रहो मातहत,सिपाहियों व्यस्त रहो ,

तनख्वा के एवज़ में कोई घास तो नहीं कटवा रहा ।18।

 

रिपोर्टें मांगे बिना , हल्ला मचाए बिना

न अथॉरिटी को पावर का फील आता है,

न इनको बनाए बिना , तुरतातुरत भेजे बिना

हमे बिज़ी होने का इल्म होता है ,

अरे करने क्या आएंगे दफ्तर हम ,तुम और वो

अगर जो रिपोर्टबाजी का नामोनिशान न हो ।24।

 

मेरे साईन ओढ़कर जब ऊपर चली जाती है,

उच्छृंखल किसी और की सेज पर सो जाती है ,

रिपोर्ट जब ऊंचे पायदान पर स्वीकृत हो जाती है,

तब ऐसा एहसास दिलाती है मानो

बोर्ड ने तबादले की अर्ज़ी स्वीकारली हो,

प्रेयसी ने प्रेमपत्र चूमकर अपने बेग में रख लिया हो,

अथक प्रयासों के बाद मेरी कविता प्रकाशित हो गयी हो,

बरसों बाद प्यासे  को परम सुख की प्राप्ति हो गई हो ।32।

 

जानता हूँ ये रिपोर्टें न देश का ,न नस्लों का भविष्य तय करेंगी ,  

मेरे बॉस यह जानते हैं ,उनके बॉस को भी यह ब्रह्मज्ञान होगा  ,

उन्हें भी है ,जो रिपोर्टें बनाकर तश्तरी पर रख मुझ तक सरकाते हैं,

कि न वार्षिक प्रदर्शन न ही कैरियर प्रोस्पेक्ट्स इनपर आधारित हैं,

बस सबकी मानसिक शांति और दाम्पत्य जीवन इनसे प्रभावित हैं,

मांगने वालों को चुन-चुन कर उलाहने दिन-भर दिया करता हूँ,

कष्टप्रद तो बहुत है संसार में एक नयी जान लाना भी ,

मुश्किल बहुत है इस युग में देशभक्ति निभाना भी ,

अंततोगत्वा रिपोर्टें बना-बनाकर मैं संतान सुख प्राप्त किया करता हूँ,

माँ भारती के प्रति अपना फर्ज़ अदा किया करता हूँ ।42।

 


 

#रिपोर्टें #रिपोर्ट #रिपोर्टबाजी #रिपोर्टपररिपोर्ट

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